नमस्कार दोस्तों, आज हम बात करने जा रहे हैं उस भारतीय बल्लेबाज की शायद ही कोई उसे भूला है. या भूल सकता है. जब-जब भारतीय बल्लेबाजी टेस्ट या एकदिवसीय क्रिकेट में लड़खड़ाई है. तब तब हमें उस महान बल्लेबाज की कमी खली है. जी हां हम बात कर रहे हैं 16 वर्षों तक भारतीय बल्लेबाजी की दीवार बनने वाले. The Wall राहुल द्रविड़ की Rahul Dravid Biography in Hindi हम देखेंगे राहुल द्रविड़ के जीवन और करियर से जुडी कुछ रोचक जानकारी...तो चलिए शुरू करते है. 

Rahul Dravid Biography in Hindi

राहुल द्रविड़ बचपन /शुरुआती जीवन Rahul Dravid LifeStory


Rahul Dravid Biography in Hindi-राहुल द्रविड़ का पूरा नाम राहुल शरद द्रविड़ है. राहुल द्रविड़ का जन्म 11 जनवरी 1973 में मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में मूल कर्नाटक मराठा परिवार में हुआ. राहुल द्रविड़ मराठी और कन्नड़ भाषा काफी अच्छी तरह बोल लेते हैं. राहुल जब केवल 6 साल के थे तब उनके माता-पिता बेंगलुरु(कर्नाटक) में रहने आ गए.

राहुल द्रविड़ के पिता का नाम शरद द्रविड़ और माता का नाम पुष्पा द्रविड़ है. राहुल के पिताजी jammy और दूसरे खाद्य पदार्थ बनाने वाले कंपनियों में काम करते थे. राहुल की माताजी बेंगलुरु विश्वविद्यालय में वास्तुकला की प्रोफेसर थी. राहुल द्रविड़ ने अपनी शुरुआती शिक्षा St. Joseph's Boys बेंगलुरु से पूरी की बाद में उन्होंने अपनी वाणिज्य की डिग्री St. Joseph's College of Commerce, Bangalore. से पूरी की.

जब राहुल द्रविड़ केवल 12 साल के थे तभी से वो क्रिकेट की तरफ झुकने लगे और अपनी बेहतरीन टेक्निक की वजह से उन्होंने कर्नाटक राज्य से अंडर-15,अंडर-17,अंडर-19 भी खेला. पर उनके काबिलियत को पहचाना ने वाली पहली व्यक्ति थी केकी तारापोरे चिन्नास्वामी स्टेडियम में ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर की कोचिंग कर रहे थे.

उनकी नज़र तब राहुल पर गिरी जब राहुल द्रविड़ ने अपनी स्कूली टीम की तरफ से खेलते हुए 1 शतक लगाया था. और राहुल द्रविड़ बल्लेबाजी करने के साथ-साथ शुरवात मे विकेटकीपिंग भी करते थे.

पर कुछ समय बाद उनकी बल्लेबाजी देखते हुए भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी गुंडप्पा विश्वनाथ, रोजर बिन्नी, बृजेश पटेल और कोच केकी तारापोरे के कहने पर राहुल द्रविड़ ने विकेटकीपिंग करना बंद कर दिया.

और अपनी बल्लेबाजी पर ज्यादा ध्यान देने लगे. राहुल द्रविड़ ने मई 2003 में नागपुर की सर्जन विजेता पेंढारकर से शादी की और 11 अक्टूबर 2005 को राहुल पहली बार पिता बने विजेताजी ने एक बच्चे को जन्म दिया. और अप्रैल 2009 में विजेताजी ने दूसरे बेटे को जन्म दिया.


राहुल द्रविड़ आंतराष्ट्रीय करियर-Rahul Dravid International Career


Rahul Dravid Biography in Hindi-मैं अब बात करेंगे राहुल द्रविड़ के आंतरराष्ट्रीय करियर की तो आंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहुल द्रविड़ की शुरुआत बेहद निराशाजनक और संघर्षपूर्ण रही.वर्ल्ड कप 1996 के बाद सिंगापुर में हुये सिंगर कप में विनोद काम्बली के चोटिल होने के बाद राहुल द्रविड़ एकदिवसीय मैच खेलने के लिए टीम में शामिल कर लिया गया.

और अपने पहले ही एकदिवसीय मैच में राहुल द्रविड़ कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए.और केवल 3 रन बनाकर मुरलीधरन की गेंद पर आउट हो गये. आगे दूसरे मैच में भी राहुल द्रविड़ का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए इस मैच में राहुल द्रविड़ सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए. इस प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया.

पर उनके पिछले कुछ सालों के घरेलू प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें फिर इंग्लैंड टूर के लिए भारत की टीम टेस्ट टीम में शामिल कर लिया गया. फिर उनके साथ ऐक ह़ी दिक्कत हो रही थी. कि किसी खिलाड़ी के चोटिल होने के बाद ही उन्हें मौका मिल रहा था.दूसरे टेस्ट के पहले चोटिल हुए संजय मांजरेकर की जगह केवल टेस्ट मैच चालू होने के 15 मिनट पहले उन्हें अंतिम 11 में शामिल होने का बताया गया.

लॉर्ड्स में खेले गए ईस टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए राहुल द्रविड़ ने 90 रनों की बेहतरीन पारी खेली.और तीसरे टेस्ट में भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 84 रनों की शानदार पारी खेली. और भारतीय टेस्ट टीम में अपनी जगह मजबूत कर ली. फिर आगे उन्होंने भारत में खेले गए बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा.

और 1996/97 के साउथ अफ्रीका दौरे में जो johannesburg में खेले गए तीसरे टेस्ट की पहली पारी में 148 और दूसरी पारी में 81 रनों की पारी खेली. और इस मैच में अपना पहला आंतरराष्ट्रीय टेस्ट शतक लगाया. और मैन ऑफ द मैच भी चुने गए.

टेस्ट क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद भी राहुल द्रविड़ एकदिवसीय क्रिकेट में संघर्ष करते दिखाई दिये. एकदिवसीय क्रिकेट में बाद उन्हें “पेप्सी कप” खेलने का मौका मिला. ईस शृखला में खेले पहिले 2 मैचो में फिर फ्लॉप साबित हुए. और केवल 14 रन बना पाए. फिर इसकी वजह से उन्हें बाकी मुकाबलों के लिये बाहर बिठाया गया. पर एक दिवसीय मैचों में यह खराब प्रदर्शन राहुल द्रविड़ को बहुत खल रहा था.

और वह दिन आ ही गया जब राहुल द्रविड़ का बल्ला एकदिवसीय मैचों में भी बोला. “सहारा कप” में पाकिस्तान के खिलाफ मोहम्मद अजहरूद्दीन के साथ मिलकर उन्होंने 160 रनों की साझेदारी की और इस साझेदारी में 90 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया.

और अपना पहला एकदिवसीय अर्धशतक पूरा किया.फिर ईस महान ख़िलाड़ी ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा. और ईन दोनों फॉर्मेट में अपनी जगह भारतीय टीम में पक्की कर ली.

पर उनके धीमी स्ट्राइक रेट के कारण कई बार उनकी आलोचना भी हुई. पर धीरे-धीरे उन्होंने उसमें भी सुधार कर लिया और अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया.

आगे वर्ल्डकप1999 में श्रीलंका के खिलाफ राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली के बीच 318 रनों की साझेदारी भला कौन भूल सकता है. इसी साझेदारी में सौरव गांगुली ने 158 गेंदों में 17 चौके और 7 छक्कों की मदद से 183 रनों की रिकॉर्ड पारी खेली थी. और उनके साथ राहुल द्रविड़ ने 129 गेंदों में 17 चौके और एक छक्के की मदद से 145 रन बनाए थे.

और वर्ल्डकप1999 में राहुल द्रविड़ पहले बल्लेबाज बने जिन्होंने लगातार 2 वर्ल्ड कप मुकाबलों में 2 शतक लगाए हो. उन्होंने अपना पहला शतक केनिया के खिलाफ बनाया. और इसके अगले मैच में श्रीलंका के खिलाफ भी शतक बनाया. इस वर्ल्ड कप में 461 रन बनाकर पहले नंबर के बल्लेबाज बने.

और इसी तरह आगे भी वह टेस्ट क्रिकेट में अपना बेहतरीन खेल दिखाते रहे और रनों का अंबार लगाते रहे.

टेस्ट क्रिकेट में भी राहुल द्रविड़ ने बहुत सारी यादगार पारी खेली.पर सबको याद रहने वाली पारी 2001 में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत आई थी. कोलकाता में खेले गए इस टेस्ट मैच में फोलोओन मिलने के बाद भी भारतीय टीम ने शानदार तरीके से इस मैच में जीत हासिल की.

इस जीत में सबसे महत्वपूर्ण योगदान था वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ का. इस टेस्ट मैच की दूसरी पारी में राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण ने पांचवें विकेट के लिए आक्रामक 376 रनों की साझेदारी की. इस पारी में राहुल द्रविड़ ने 180 रनों की शानदार पारी खेली और वीवीएस लक्ष्मण ने 281 रनों की रिकॉर्ड तोड़ पारी खेली.

ऐसे ही 16 साल शानदार प्रदर्शन करने के बाद 2012 में इस महान बल्लेबाज ने क्रिकेट के सभी फोरमेट्स को अलविदा कह दिया. उन्होंने अपना अंतिम टेस्ट मैच 2015 में ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ खेला.

# राहुल द्रविड़ ने अपने एकदिवसीय क्रिकेट करियर में कुल 333 मैच खेले जिसमें उन्होंने 12 शतक और 83 अर्धशतक 40.16 की औसत से 10,890 रन बनाएं. (सर्वश्रेष्ठ 153)

# राहुल द्रविड़ ने टेस्ट करियर में कुल 134 मैच खेले जिसमें उन्होंने 36 शतक और 63 अर्धशतक 52.21 की औसत से 13288 रन बनाए. (सर्वश्रेष्ठ 270)

# राहुल द्रविड़ ने अपने आईपीएल करियर में कुल 89 मैच खेले जिसमें उन्होंने 11 अर्धशतक की मदद से और 28.23 की औसत से 2174 रन बनाएं. (सर्वश्रेष्ठ 75)

सन्यास लेने के बाद अभी राहुल द्रविड़ अंडर-19 और इंडिया ए टीम को प्रशिक्षण दे रहे हैं.


राहुल द्रविड़ पसंदीदा चीजें और हॉबीज-Rahul Dravid Hobbies


* पसंदीदा क्रिकेटर- सचिन तेंदुलकर.

* पसंदीदा खाना- चिकन टिक्का मसाला, दाल चावल, मैंगो मिल्कशेक.

* पसंदीदा कलर- ब्लू.

* पसंदीदा फिल्म- Braveheart,Ghost.

* पसंदीदा एक्टर्स- Demi Moore, Michelle Pfieffer.

* पसंदीदा एक्टर- टॉम क्रूज, आमिर खान.

* पसंदीदा सिंगर- किशोर कुमार , लता मंगेशकर.

* पसंदीदा बुक- Thrillers and Philosophical.

* पसंदीदा कार- Maruti800,BMW.

* पसंदीदा चैनल- Discovery.


राहुल द्रविड़ पुरस्कार और रिकॉर्ड
Rahul Dravid Achievements-Records


Test-

(1) राहुल द्रविड़ विश्व क्रिकेट के छठे और तीसरे भारतीय खिलाड़ी है जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 10,000 से भी ज्यादा रन बनाए हैं.

(2) राहुल द्रविड़ उन भारतीय खेलों में शामिल है जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 5 बार दोहरे शतक लगाए हैं.

(3) 
राहुल द्रविड़ विश्व के उन 3 खिलाड़ियों में शामिल है जिन्होंने लगातार 4 पारियों में 4 शतक लगाए हैं.

(4) राहुल द्रविड़ विश्व के एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले सभी टीमों के खिलाफ शतक बनाया है.

(5) राहुल द्रविड़ एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने सबसे ज्यादा शतक साझेदारी में लिया है.[76]

(6) टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा गेंद खेलने का रिकॉर्ड भी राहुल द्रविड़ की ही नाम पर है.(31,258गेंद)

(7) लगातार सात टेस्ट मैचों में साथ अर्धशतक लगाने के सूची में राहुल रोड तीसरे नंबर पर शामिल है.

(8) बिगर विकेटकीपर के तौर पर टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच 184 लेने का रिकॉर्ड राहुल रोड के नाम पर दर्ज है.

ODI

(1) राहुल द्रविड़ ऐसे दूसरे बल्लेबाज हैं जिन्होंने विश्व कप में लगातार दो मैचों में 2 शतक लगाए हैं.(मार्क वा)

(2) वर्ल्डकप1999 में सबसे जादा 461 रन बनाने का रिकॉर्ड भी राहुल के नाम पर है.

(3) राहुल द्रविड़ विश्व के छठे और भारत के तीसरे खिलाड़ी है जिन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट में 10,000 ज्यादा रन बनाए हैं

(4) विश्वकप एक विकेटकीपर के तौर पर सर्वाधिक 145 स्कोर बनाने में राहुल द्रविड़ दूसरे नंबर पर है. (एडम गिलक्रिस्ट -149)

(5) एकदिवसीय क्रिकेट में हुये दो 300 रन की साझेदारी में राहुल द्रविड़ शामिल है.

(6) एकदिवसीय क्रिकेट में राहुल द्रविड़ दूसरे बल्लेबाज रहे जिन्होंने सबसे ज्यादा 83 अर्धशतक लगाए हैं.

पुरस्कार -

(1) सन 2000 में राहुल को “विजडन क्रिकेटर ऑफ द ईयर” चुना गया.

(2) सन 2004 में राहुल द्रविड़ को भारतीय सरकार की तरफ से “पद्मश्री पुरस्कार” से नवाजा गया.

(3) सन 2004 में ही राहुल द्रविड़ को आईसीसी की तरफ से “टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर” भी चुना गया.

(4) सन 2013 में भारतीय सरकार की तरफ से उन्हें “पद्मभूषण पुरस्कार” से सम्मानित किया गया.

(5) सन 2006 में राहुल द्रविड़ को आईसीसी टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया.






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