नमस्कार दोस्तों, आज हम बात करेंगे भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज जिसे हम सब “गब्बर” के नाम से भी जानते हैं. जी हां हम बात कर रहे है भारतीय टीम धाकड़ सलामी बल्लेबाज़ शिखर धवन की. इसे Shikhar Dhawan Biography in Hindi में हम देखेंगे कैसा रहा शिखर धवन का बचपन और शुरवाती जीवन का संघर्ष और अपने से 10 साल बड़ी लड़की से सच्चा प्यार और उनके क्रिकेट करियर के उतार-चढ़ाव तो जरूर आप हमारे साथ आखिर तक बने रहे...चलिए शुरू करते है.

Shikhar Dhawan Biography in Hindi
Shikhar Dhawan Biography in Hindi

Shikhar Dhawan Family -

Shikhar Dhawan Biography in hindi- में बात करें शिखर धवन के शुरुआती दिनों की तो शिखर धवन का जन्म 5 दिसंबर 1985 में दिल्ली में हुआ. शिखर धवन के पिता जी का नाम महेंद्रपाल धवन और माताजी का नाम सुनैना धवन है. उनके परिवार में उन्हें एक छोटी बहन भी है जिनका नाम श्रेष्ठा धवन है.

वैसे तो शिखर धवन बचपन से ही काफी शरारती थे. उनके बचपन का एक किस्सा है. वो मैं आपको सुनाता हूं जब बचपन में शिखर बहुत शरारत करते थे तो उनकी माताजी उन्हें घर में किसी कमरे में बंद कर देती थी. तब शिखर कपड़ों से लटक कर खिड़की से बाहर भाग जाते थे.

अब बात करें उनकी पढ़ाई की तो शिखर ने अपनी शुरुआती शिक्षा ST.Mark Senior Seconary Public School से पूरी की. शिखर धवन पढ़ाई में ठीक-ठाक ही थे उनका मन पढ़ाई से ज्यादा शरारतें और खेलकूद में लगा रहता था.

बाद में उन्हें क्रिकेट से ज्यादा लगाव होने लगा. और उसकी वजह बने उनके चचेरे भाई...वह अपने चचेरे भाई के साथ क्रिकेट खेलने में दिन भर लगे रहते थे. उनके चचेरे भाई की क्रिकेट में काफी रूचि थी. और वह किसी दिल्ली क्रिकेट कल्ब के लिए क्रिकेट भी खेले थे.

पर धीरे-धीरे क्रिकेट कब शिखर का जुनून बन गया यह उन्हें भी नहीं पता चला. पर उनके घर वालों ने क्रिकेट के प्रति शिखर का लगाव देखा और महान 12 साल की उम्र में उन्हें सोनेट क्रिकेट क्लब में दाखिला करवा दिया. वहां उनके कोच थे तारक सिन्हा...तारक सिन्हा के कोचिंग में शिखर धवन ने खूब पसीना बहाया और धीरे-धीरे अपने खेल में निखार लाते गये.

और आपको एक बात बता दे की शुरुआत में शिखर wicket keeping करते थे. पर इसकी वजह से उनका ध्यान अपनी बल्लेबाजी से भटक रहा था यह चीज उनके कोच तारक सिन्हा को महसूस हुई. और फिर उन्होंने शिखर को विकेटकीपिंग छोड़कर अपने बल्लेबाजी पर ध्यान देने को कहा.

और इसी के कारण उनके बल्लेबाजी में ज्यादा निखार आता गया और अपनी मेहनत का फल उनको मिला भी और उन्हें दिल्ली अंडर16 टीम के लिए चुन लिया गया. वहा भी उनका प्रदर्शन काबिले तारीफ रहा.

इसी के चलते महज 15 साल की उम्र में उन्हें दिल्ली अंडर-19 टीम में भी शामिल कर लिया गया. और वहां उन्हें दिल्ली टीम की कप्तानी भी सौंपी गई. और यहा पर भी शिखर धवन का प्रदर्शन जोरदार रहा. लगातार अच्छे प्रदर्शन से शिखर धवन चयनकर्ताओं के नजर में बैठ गए.

फिर उन्हें मौका मिला इंडियन अंडर-19 टीम से खेलने का और यह शिखर धवन के क्रिकेट जीवन का टर्निंग प्वाइंट रहा. 2004 के अंडर-19 वर्ल्ड कप यहां पर उन्होंने आंतरराष्ट्रीय तौर पर अपनी प्रतिभा का परिचय सब को दिया. पूरे वर्ल्ड कप में शिखर धवन ने ज़बरदस्त बल्लेबाज़ी का मुजायरा किया. पुरे World Cup शिखर बेहतरीन टच में दिखाई दिए.

और अपने पहले ही मैच में स्कॉटलैंड के खिलाफ विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 155 रन बना डाले. और पुरे world cap में रिकॉर्ड 505 रन बना डाले. और Playar Of The Series चुने गए.

और इस प्रदर्शन का तोहफा उन्हें मिलने का इंतजार था. और चयनकर्ताओं भी उन्हें भारतीय टीम में लाने के लिए उत्सुक थे. पर जबरदस्त फॉर्म में चल रही भारतीय टीम से किसे निकालें और शिखर को मौका दें इस दुविधा में चयनकर्ता थे. पर लंबे इंतज़ार के बाद 2010 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय मैचों के लिए चुना गया.

इस तरह 2010 में इस शानदार और विस्फोटक बल्लेबाज के आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का आगाज हुआ.


Shikhar Dhawan Career -

Shikhar Dhawan Biography in hindi घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए भी लंबे समय तक इंतजार करने के बाद 2010 में शिखर धवन ने अपना पहला एकदिवसीय मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला.

विशाखापट्टनम में हुए इस मैच में शिखर धवन कुछ ख़ास कमाल नहीं कर पाये और मैं दूसरी गेंद पर शून्य पर आउट हुये. जबरदस्त कॉम्पिटिशन के चलते उन्हें अगले मैच में बाहर बिठाना पड़ा. और फिर एक बार लंबे समय तक उन्हें इंतजार करना पड़ा. और अगला मौका मिला 2011 में टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज के खिलाफ.

पर यहां पर भी शिखर का साथ उनके नसीब ने नहीं दिया. और इस पूरी श्रृंखला में शिखर का बल्ला खामोश ह़ी रहा. वहां उन्होंने चार मैचों में केवल 69 रन ही बनाये. उसमें भी उनकी एक 51 अर्धशतकीय पारी शामिल थी.

इस प्रदर्शन को देख उनका टीम में जमे रहना काफी मुश्किल लग रहा था. क्योंकि अच्छे बल्लेबाज बाहर बैठे थे. जिस बात का शिखर को डर था वही हुआ और फिर से एक बार उन्हें भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया. और अब आने वाला समय शिखर के लिए काफी संघर्षपूर्ण रहने वाला था. पर शिखर भी हार मानने वालों में से नहीं थे.

उन्होंने फिर भी मेहनत जारी रखी और 2013 में उन्हें फिर मौका मिला. और यह मौका उनके लिए शायद आखरी मौका साबित होगा. यह सभी के दिलों में और शिखर के दिल में भी डर था. पर आस्ट्रेलिया के खिलाफ हुई टेस्ट में शिखर धवन ने अपना पूरा गुस्सा ऑस्ट्रेलिया गेंदबाजों पर ही निकाला. और डेब्यू में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया.

उन्होंने 174 गेंदों में 33 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 187 रनों की विस्फोटक पारी खेली. फिर शेखर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. फिर 2013 में हुए आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी से उनके अंतरराष्ट्रीय करियर को सही मायनों में आगाज हुआ यह कहना गलत नहीं होगा. इस श्रृंखला में शिखर धवन ने अपना पहला एकदिवसीय शतक लगाया दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ.

और पूरी श्रृंखला में उनका जोरदार प्रदर्शन जारी रहा. और पूरी श्रृंखला में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने. यहां शेखर ने 5 मैचों में 2 शतक और 1 अर्धशतक और 90.75 की औसत से 363 रन बनाए. इस प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें मैन ऑफ द सीरीज चुना गया. और उन्होंने भारतीय टीम में बतौर ओपनिग बल्लेबाज़ अपनी जगह पक्की कर ली. इसी तरह का शानदार प्रदर्शन उनका आज तक जारी है.


Shikhar Dhawan One-Day Career -

शिखर ने अपने एकदिवसीय करियर में कुल/मार्च 2020 तक - 130 एकदिवसीय मैच खेले उन्होंने 17 शतक और 29 अर्धशतक और 45.20 की औसत से 5,650 रन बनाए. (सर्वश्रेष्ठ 143)

Shikhar Dhawan Test Career -

मार्च 2020 तक - उन्होंने कुल 34 टेस्ट मैच खेले जहा उन्होंने 7 शतक, 5 अर्धशतक और 40.61 की औसत से 2,315 रन बनाए. (सर्वश्रेष्ठ - 190)


Shikhar Dhawan T20 Career - 

शिखर धवन ने भारतीय क्रिकेट टीम टी-20 में भी एक महत्वपूर्ण बल्लेबाज की भूमिका निभा रहे है. उन्होंने अपना पहला T20 मुकाबला 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला. मार्च 2020 तक - उन्होंने कुल 61 मुकाबले खेले जहा उन्होंने 10 अर्धशतक और 28.35 की औसत से 1,588 रन बनाए. (सर्वश्रेष्ठ 92)

Shikhar Dhawan IPL Career -

Shikhar Dhawan Biography in hindi अगर बात करी शिखर धवन की आईपीएल करियर की तो आईपीएल शिखर के लिए हर बार बेहतरीन ही रहा.

शिखर ने अपना पहला आईपीएल सीजन दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से खेला जहां उन्होंने 14 मैच में चार अर्धशतक की मदद से 340 रन बनाए. (सर्वश्रेष्ठ 68) फिर अगले ही साल 2009 और 2010 के लिए शिखर मुंबई इंडियंस लिए खेले. यहा खेले गए दो सीजन में उन्होंने कुल 15 मैच खेले जहा उन्होंने सिर्फ 2 अर्धशतक लगाकर दोनों सीजन में एक सौ 231 रन ही बना पाये.(सर्वश्रेष्ठ56)

और अगले 2011 और 2012 सीजन के लिए उन्हें फिर बदलते हुए डेक्कन चार्जर्स से खेलने का मौका मिला. जहा उन्होंने कुल 2 सीजन में 29 मैच में सात अर्धशतक की मदद से 975 रन बनाए. (सर्वश्रेष्ठ 95 नॉट आउट) 2013 से 2018 तक कुल 6 सीजन शिखर धवन ने सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेले. इन 6 सीजन में उन्होंने कुल 80 मैच खेले जहा उन्होंने 19 अर्धशतक की मदद से 2,517 रन बनाए.(सर्वश्रेष्ठ 92)

और 2019 का आईपीएल सीजन शिखर दिल्ली कैपिटल की तरफ से खेला. यह आईपीएल सीजन उनके लिए सबसे शानदार आईपीएल रहा. यहां उन्होंने कुल 16 मैचों में पांच अर्धशतक की मदद से 521 रन बना डाले. (सर्वश्रेष्ठ 97 नॉट आउट)

अगर शिखर धवन के पूरे आईपीएल करियर की बात करें तो शिखर ने कुल 162 मैच खेले जहां उन्होंने 37 अर्धशतक लगाए और 33.17 की औसत से 4,578 रन बनाए.

Shikhar Dhawan facts -

Shikhar Dhawan Biography in hindi अब बात करते हैं शिखर धवन के निजी जिंदगी से जुड़ी कुछ रोचक बातों की..

शुरुआत में बात करते हैं इस Shikhar Dhawan wife के बारे में तो आप सबको पता ही होगा की शिखर धवन की शादी ऑस्ट्रेलियाई मूल की आयशा मुखर्जी से हुई है. और आपको बता दें कि आयशा पहिले से तलाकशुदा थी और उन्हें दो बेटियां भी थी.

पर कहते हैं ना सच्चा प्यार जब हो जाता है तब उस पर किसी का जोर नहीं चलता. आयशा पेशे से एक किक बॉक्सर है. आयशा और शिखर की मुलाकात एक सोशल साइट पर हुई जहां. हरभजन ने सिंह उनके म्यूच्यूअल फ्रेंड्स थे. हरभजन सिंह ने ही उनकी किक बॉक्सिंग की तस्वीर शिखर को दिखाई थी. और शिखर को आयशा पहली ही नजर में पसंद आ गई.

तब शिखर ने भी उन्हें फ्रेंड रिक्वेस्ट सेंड कर दी. दोस्ती होने के बाद में दोनों में खूब बातचीत होती रही.और फिर कुछ समय बाद दोनों ने शादी करने का फैसला ले लिया. 2009 में दोनों ने सगाई कर ली और लगभग 3 साल बाद 30 अक्टूबर 2011 में उन्होंने सिख रीति-रिवाजों से शादी कर ली और 2014 में आयशा ने एक बच्चे को जन्म दिया जिसका नाम जोरावर रखा गया.


Shikhar Dhawan Biography in hindi शिखर धवन को गब्बर क्यों कहते हैं...?

शिखर धवन का मूल स्वभाव देसी धाकड़ है. इसलिए वह फील्ड पर काफी हरफनमौला रहते हैं और उन्हें गब्बर बुलाने का राज यह है कि मैच में साथी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए शिखर धवन 1975 में आई शोले फिल्म के खलनायक गब्बर का डायलॉग बोलते रहते थे. इसी के कारण बाद में सब साथी खिलाड़ी उन्हें गब्बर बुलाने लगे और अब तो उनके फैंस भी उन्हें गब्बर के नाम से ही पहचानते हैं.

शिखर धवन की पसंदीदा चीज़े -

- शिखर धवन पसंदीदा फ़िल्म – रॉकी.

- शिखर धवन पसंदीदा खेल – क्रिकेट.

- शिखर धवन पसंदीदा बल्लेबाज़ –सचिन तेंदुलकर,एंडी फ्लावर.

- शिखर धवन पसंदीदा गेंदबाज़ -

- शिखर धवन पसंदीदा अभिनेता – आमिर खान,सिल्वेस्टर स्ताल्लोने.

- शिखर धवन पसंदीदा अभिनेत्री – करीना कपूर-खान.

- शिखर धवन पसंदीदा गायक – नुसरत फ़तेह अली खान, वडाली ब्रदर्स.

- शिखर धवन पसंदीदा खाना – बटर चिकन.

- शिखर धवन पसंदीदा किताब – Blink By Malcolm Gladwell.

- शिखर धवन पसंदीदा गाड़ी – Mercedes GL 350 CDI.


Shikhar Dhawan Records -

(1) आईसीसी टूर्नामेंट में सबसे तेज 1000 रन बनाने का रिकॉर्ड शिखर धवन के नाम पर ह़ी है.

(2) आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में दो बार गोल्डन बैट जीतने का रिकॉर्ड भी शिखर धवन के ही नाम पर है.(2013/2017)

(3) 2018 T20 कैलेंडर में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी शिखर के नाम पर है.

(4) अपने पहले ही टेस्ट मैच में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड भी शिखर के नाम पर है.

(5) शिखर धवन एकमात्र ऐसे भारतीय बल्लेबाज हैं जिन्होंने टेस्ट मैच के पहले ही दिन लंच होने के पहले ही शतक लगा दिया हो.

(6) 2013 में एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली शिखर धवन एकमात्र भारतीय खिलाड़ी है.


Shikhar Dhawan Achievement -

(1) 2013 में आईसीसी वर्ल्ड कप 11 में शिखर धवन को चुना गया.

(2) 2014 में शिखर धवन को विजडन क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना.

(3) 2013 में सीकर को CEAT International Player Of The Year चुना गया.

(4) 2018 में शिखर को CEAT इंटरनेशनल बैट्समैन ऑफ द ईयर भी चुना गया.